गांधी जयंती और तीन दिन के लॉन्ग वीकेंड पर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में सैलानियों और तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नैनीताल, शिमला, मनाली और बद्रीनाथ समेत कई पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर होटल फुल हो गए, जबकि सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

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नैनीताल में करीब 12 हजार पर्यटकों के पहुंचने से होटल, होमस्टे और गेस्ट हाउस लगभग पूरी तरह भर गए। कई पर्यटक रात करीब 1 बजे तक सामान लेकर कमरे की तलाश करते रहे। ठहरने की जगह नहीं मिलने पर कुछ लोगों को बस अड्डे पर रात गुजारनी पड़ी। भवाली, कैंची धाम, गरमपानी और खैरना की ओर भी वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।


शिमला में भी पर्यटकों की भारी आमद से ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हुई। तारादेवी से शिमला तक कई जगह जाम रहा और करीब तीन किलोमीटर का सफर तय करने में लोगों को एक घंटे तक का समय लगा। पिछले 24 घंटे में शिमला में 17 हजार से ज्यादा वाहन पहुंचे, जिनमें 7 हजार से अधिक पर्यटक वाहन बताए गए।


वहीं बद्रीनाथ मार्ग पर जोशीमठ से विष्णुप्रयाग तक करीब 7 से 9 किलोमीटर लंबा जाम लगा। जोशीमठ से मारवाड़ी का करीब आधे घंटे का सफर तय करने में यात्रियों को 2 से 3 घंटे तक लग रहे थे।


इस भीड़ से पर्यटन कारोबार को फायदा मिला, लेकिन होटल की कमी और लंबे जाम ने पहाड़ी क्षेत्रों के सीमित इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते दबाव को भी सामने ला दिया।