मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग की संपत्ति में बड़ी बढ़ोतरी के बाद कंपनी का नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म Muse AI चर्चा में है। सितंबर में इसकी शुरुआत के बाद मेटा के शेयरों में तेजी आई। रिपोर्ट के अनुसार, एक दिन में जकरबर्ग की संपत्ति करीब 25 अरब डॉलर बढ़ी। हालांकि, इस बढ़ोतरी के पीछे कंपनी का विज्ञापन कारोबार और शेयर बाजार की स्थिति भी महत्वपूर्ण रही।

AdvertisementThe Puranic

Meta Connect 2026 में जकरबर्ग ने Muse Charm नाम का छोटा AI डिवाइस पेश किया। इसे जेब या बैग में रखा जा सकता है। इसकी मदद से उपयोगकर्ता अपने पर्सनल AI एजेंट से बातचीत कर सकेंगे। फिलहाल कंपनी ने इसकी कीमत और उपलब्धता की पूरी जानकारी नहीं दी है।

Muse AI सामान्य चैटबॉट से अलग एक पर्सनल AI एजेंट है। यह ईमेल भेजने, यात्रा की बुकिंग करने, ऑनलाइन खरीदारी और वेबसाइट पर फॉर्म भरने जैसे काम कर सकता है। जरूरत पड़ने पर यह उपयोगकर्ता से अनुमति भी मांगता है।

मेटा ने अपने AI ग्लासेज में भी Muse को शामिल करने की योजना बनाई है। कंपनी का उद्देश्य AI को स्मार्टफोन से आगे बढ़ाकर रोजमर्रा के उपकरणों तक पहुंचाना है।

हालांकि, ऐसे AI एजेंट के इस्तेमाल से डेटा सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर सवाल भी उठते हैं। मेटा के अनुसार, संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रखने के लिए विशेष तकनीक विकसित की गई है। उपयोगकर्ता यह भी तय कर सकेंगे कि Muse को किन ऐप्स का एक्सेस दिया जाए।