विवाद की शुरुआत उस समय हुई, जब CJI सूर्यकांत ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था से जुड़े एक मुद्दे पर कहा कि यह मामला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इसके बाद केरल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए CJI से इस्तीफा देने की मांग कर दी। पोस्ट में कहा गया कि यदि कानून-व्यवस्था उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए और उनकी जगह किसी दूसरे व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जा सकती है।

AdvertisementThe Puranic


पोस्ट सामने आने के बाद BJP ने कांग्रेस पर निशाना साधा। पार्टी की ओर से इस तरह की टिप्पणी को न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश के रूप में पेश किया गया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस की आलोचना की।


इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई। विवाद ने यह सवाल भी उठाया कि संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक दलों को अपनी प्रतिक्रिया किस तरह व्यक्त करनी चाहिए।


हालांकि, इस मामले से जुड़े बयानों और घटनाक्रम की पूरी पुष्टि के लिए संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रियाओं और मूल रिपोर्ट को देखना जरूरी है।