रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार रात हॉस्टल के कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर साथियों ने उसे तोड़ा। अंदर आदित्य फंदे से लटका मिला। छात्र उसे नीचे लाए और सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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घटना के बाद छात्रों ने संस्थान की आपातकालीन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि एंबुलेंस की चाबी मिलने में करीब 15 से 20 मिनट की देरी हुई। विद्यार्थियों और परिजनों ने यह भी दावा किया कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन जैसी जरूरी जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। छात्रों का कहना है कि समय पर चिकित्सा सहायता मिलती तो स्थिति अलग हो सकती थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।


प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने कथित लापरवाही की जांच, जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और हॉस्टल की सुविधाओं में सुधार की मांग की है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। संस्थान प्रबंधन ने भी जांच में सहयोग करने की बात कही है।