फ्रांस में सुपरमार्केट के रेफ्रिजरेटर को हैक किए जाने की घटना ने इंटरनेट से जुड़े उपकरणों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ रेफ्रिजरेटर के तापमान और काम करने के तरीके में बदलाव देखने को मिला, जिससे वे सामान्य फ्रिज की जगह ओवन की तरह गर्म होने लगे। इस घटना ने दिखाया कि इंटरनेट से जुड़े उपकरणों की सुरक्षा में लापरवाही नुकसानदेह हो सकती है।
आज घरों और दुकानों में स्मार्ट टीवी, फ्रिज, कैमरे, स्मार्ट स्पीकर और अन्य इंटरनेट से जुड़े उपकरणों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इन उपकरणों को इंटरनेट ऑफ थिंग्स यानी IoT कहा जाता है। अगर इनकी सुरक्षा कमजोर हो, तो साइबर अपराधी इन तक अनधिकृत पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे मामलों में उपकरणों की सेटिंग बदलने, निजी जानकारी तक पहुंचने या नेटवर्क में मौजूद दूसरे उपकरणों को निशाना बनाने का खतरा हो सकता है।
अपने स्मार्ट उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए सबसे पहले उनका डिफॉल्ट पासवर्ड बदलें और मजबूत, अलग पासवर्ड रखें। जहां संभव हो, वहां टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें। डिवाइस और उसके मोबाइल ऐप को नियमित रूप से अपडेट करना भी जरूरी है, क्योंकि अपडेट में सुरक्षा से जुड़ी खामियां ठीक की जाती हैं।
इसके अलावा, घर के वाई-फाई राउटर का पासवर्ड मजबूत रखें और राउटर का फर्मवेयर अपडेट करते रहें। मेहमानों या अनजान लोगों के साथ अपने वाई-फाई का मुख्य पासवर्ड साझा करने से बचें। अगर राउटर में गेस्ट नेटवर्क की सुविधा है, तो स्मार्ट उपकरणों को अलग नेटवर्क पर रखना उपयोगी हो सकता है।
किसी भी स्मार्ट डिवाइस को खरीदने से पहले उसकी सुरक्षा सुविधाओं, अपडेट सपोर्ट और निर्माता की विश्वसनीयता की जांच करें। यदि कोई उपकरण असामान्य व्यवहार करे, तो उसे नेटवर्क से डिस्कनेक्ट करके निर्माता या तकनीकी विशेषज्ञ से संपर्क करें। डिजिटल सुरक्षा के लिए केवल फोन और कंप्यूटर ही नहीं, बल्कि इंटरनेट से जुड़े घरेलू उपकरणों का सुरक्षित होना भी जरूरी है।



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