दिल्ली में कारोबार को लेकर चिंताओं के बीच व्यापारियों ने कांग्रेस से 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली टालने की अपील की है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि मौजूदा हालात में व्यापार पहले से ही दबाव का सामना कर रहा है। ऐसे में रैली के कारण बाजारों में आवाजाही और कारोबार प्रभावित होने की आशंका है।

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कारोबारियों के मुताबिक, दिल्ली के बाजारों में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी और व्यापारिक गतिविधियों के लिए पहुंचते हैं। अगर किसी बड़े आयोजन के कारण यातायात प्रभावित होता है या बाजारों तक पहुंचने में परेशानी आती है, तो इसका असर दुकानदारों और ग्राहकों दोनों पर पड़ सकता है। इसी चिंता को देखते हुए व्यापारिक संगठनों ने कांग्रेस से कार्यक्रम की तारीख पर दोबारा विचार करने का आग्रह किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, कारोबारियों ने करीब 10,000 करोड़ रुपये के व्यापार पर संकट की आशंका जताई है। यह आंकड़ा व्यापार पर संभावित असर को लेकर जताई गई चिंता के संदर्भ में है। वास्तविक नुकसान का आकलन आयोजन के दौरान बाजारों की स्थिति और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ने वाले प्रभाव के बाद ही किया जा सकता है।

दिल्ली में राजनीतिक रैलियों और प्रदर्शनों के दौरान यातायात व्यवस्था, सुरक्षा और बाजारों तक पहुंच जैसे मुद्दे अक्सर चर्चा में रहते हैं। व्यापारियों की मांग है कि उनके कारोबार और आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजन की योजना बनाई जाए।

अब इस मामले में कांग्रेस की ओर से रैली को लेकर क्या फैसला लिया जाता है, इस पर नजर रहेगी। व्यापारिक संगठनों की अपील का मुख्य उद्देश्य बाजारों में सामान्य गतिविधियों को बनाए रखना और कारोबारियों को संभावित परेशानी से बचाना है।