केरलम में लोअर प्राइमरी स्कूल टीचर (LPST) की नियुक्तियों की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन लगातार जारी है। आंदोलन के 113वें दिन प्रदर्शन समिति की संयोजक एस. वलारमथी ने अपना सिर मुंडवाकर विरोध जताया और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। अभ्यर्थी लंबे समय से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण रैंक लिस्ट में शामिल उम्मीदवारों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। उनका आरोप है कि सरकार की ओर से पहले मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक नियुक्तियों को लेकर ठोस आदेश जारी नहीं किया गया है। इसी वजह से आंदोलन तेज किया गया है।
वलारमथी के मुताबिक, 30 सितंबर को शिक्षा मंत्री के साथ हुई बैठक में उनकी मांगों पर विचार करने का भरोसा दिया गया था। हालांकि, प्रदर्शनकारी अब केवल मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित आदेश चाहते हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार की ओर से स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में छात्र-शिक्षक अनुपात को 1:25 करना, हेड टीचर की रिक्तियों को केरल लोक सेवा आयोग (PSC) के दायरे में लाना और मौजूदा रैंक लिस्ट की वैधता बढ़ाना शामिल है। इसके अलावा, उम्मीदवार नई भर्ती अधिसूचना जारी करने को टालने की मांग भी कर रहे हैं, ताकि मौजूदा सूची में शामिल अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर मिल सके।
प्रदर्शनकारियों ने सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक नियुक्तियों की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग भी उठाई है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
फिलहाल, अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि लिखित आदेश मिलने तक वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर है कि वह भर्ती प्रक्रिया को लेकर क्या फैसला करती है।



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