भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक की मांग तेजी से बढ़ रही है। अब ग्राहक पेट्रोल से चलने वाले टू-व्हीलर खरीदने के साथ-साथ इलेक्ट्रिक विकल्पों पर भी गंभीरता से विचार कर रहे हैं। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) की रिपोर्ट के मुताबिक, हर दो में से एक संभावित टू-व्हीलर खरीदार इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने में दिलचस्पी रखता है। यह रुझान बताता है कि भारतीय ऑटो बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता बढ़ रही है।

AdvertisementThe Puranic

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की ओर ग्राहकों के आकर्षित होने की सबसे बड़ी वजह रोजाना होने वाले खर्च को कम करना है। पेट्रोल की कीमतों के बीच लोग ऐसे विकल्प तलाश रहे हैं, जिनसे आने-जाने का खर्च घटाया जा सके। इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक में पेट्रोल की जरूरत नहीं होती और इनकी नियमित देखभाल का खर्च भी कई मामलों में कम हो सकता है।

कंपनियां भी इस बढ़ती मांग को देखते हुए नए इलेक्ट्रिक मॉडल पेश कर रही हैं। बाजार में अलग-अलग कीमत, बैटरी क्षमता और रेंज वाले स्कूटर उपलब्ध हैं। बेहतर डिजाइन, डिजिटल फीचर्स और शहरों में रोजाना इस्तेमाल की सुविधा भी ग्राहकों को आकर्षित कर रही है।

हालांकि, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने से पहले ग्राहक कई बातों पर विचार करते हैं। इनमें बैटरी की कीमत, एक बार चार्ज करने पर मिलने वाली रेंज, चार्जिंग स्टेशन की उपलब्धता और बैटरी बदलने का संभावित खर्च शामिल हैं। छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में चार्जिंग सुविधाओं की कमी भी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में बाधा बन सकती है।

इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता के बावजूद पेट्रोल टू-व्हीलर का बाजार तुरंत खत्म होने की संभावना मानना सही नहीं होगा। पेट्रोल वाहन अभी भी उन लोगों के लिए सुविधाजनक हैं, जिन्हें लंबी दूरी तय करनी होती है या जिनके आसपास चार्जिंग की पर्याप्त सुविधा नहीं है।

आने वाले समय में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की मांग इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनियां कीमत और रेंज को कितना बेहतर बनाती हैं और चार्जिंग नेटवर्क का कितना विस्तार होता है। फिलहाल, ग्राहकों की बढ़ती दिलचस्पी संकेत देती है कि भारत में टू-व्हीलर बाजार धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक विकल्पों की ओर बढ़ रहा है।