पितृपक्ष के दौरान उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। धाम स्थित ब्रह्मकपाल में पिंडदान और तर्पण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बीते आठ दिनों में यहां 60 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

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मान्यता है कि बदरीनाथ धाम के ब्रह्मकपाल में पितरों का श्राद्ध और तर्पण करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी धार्मिक मान्यता के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पितृपक्ष में यहां पहुंचते हैं। श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए विधि-विधान से पिंडदान और तर्पण करते हैं।


पितृपक्ष के चलते बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ी है। ब्रह्मकपाल क्षेत्र में सुबह से ही लोगों की भीड़ देखी जा रही है। तीर्थयात्री अपने परिवार के दिवंगत सदस्यों के लिए धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं।


बदरीनाथ धाम उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है। भगवान विष्णु को समर्पित इस धाम में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पितृपक्ष के दौरान ब्रह्मकपाल में होने वाले श्राद्ध और तर्पण का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।


इस बार भी पितृपक्ष में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी से बदरीनाथ धाम में धार्मिक गतिविधियां तेज हैं। प्रशासन और मंदिर व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं को संभालने में जुटे हैं।