जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा के मारे जाने के दावे को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच अलग-अलग बातें सामने आई हैं। भारतीय सेना के अनुसार, 30 सितंबर को बडगाम के यूसमर क्षेत्र में एक अभियान के दौरान एक पाकिस्तान-आधारित लश्कर आतंकी मारा गया था। तलाशी के दौरान उसकी पहचान मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा के रूप में किए जाने की बात कही गई।
भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, मूसा पर जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी हमलों में शामिल होने के आरोप थे। रिपोर्टों में उसे पाकिस्तान सेना के स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) का पूर्व जवान भी बताया गया है।
इसके एक दिन बाद पाकिस्तान की सेना ने इन दावों को खारिज करते हुए एक व्यक्ति को मीडिया के सामने पेश किया। पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने उसकी पहचान मोहम्मद आसिफ के रूप में बताई। उस व्यक्ति ने कहा कि वह पाकिस्तान सेना में रह चुका है और 2023 में रिटायर हुआ था। उसने यह भी कहा कि जब उसे अपनी मौत की खबर मिली, तब वह अपने घर पर मौजूद था।
इस तरह भारत की ओर से मारे गए आतंकी की पहचान मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा के तौर पर की गई है, जबकि पाकिस्तान का कहना है कि सामने आया मोहम्मद आसिफ जिंदा है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों में स्पष्ट अंतर है और पहचान को लेकर विवाद बना हुआ है।


