मार्क जकरबर्ग के साथ काम कर चुके मार्टिन ऑट ने करियर और वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर अपनी सोच साझा की है। ऑट फिलहाल 1 अरब डॉलर से ज्यादा वैल्यू वाली टैक्स प्लेटफॉर्म कंपनी Taxfix के CEO हैं। उन्होंने 2012 में Facebook जॉइन किया था और यूरोप में कंपनी के विस्तार के दौर को करीब से देखा।

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मार्टिन ऑट के मुताबिक, सफलता का मतलब हर समय काम में व्यस्त रहना नहीं है। दिन में काम करने के लिए सीमित समय होता है, इसलिए यह पहचानना जरूरी है कि कौन सा काम सबसे ज्यादा असर डाल सकता है। उनका कहना है कि हर मीटिंग में शामिल होना भी जरूरी नहीं है। कर्मचारियों और लीडर्स को खुद से पूछना चाहिए कि किसी मीटिंग में उनकी मौजूदगी वास्तव में जरूरी है या नहीं।


ऑट 24/7 काम करने की संस्कृति को लंबे समय के लिए टिकाऊ नहीं मानते। उनके अनुसार, किसी कंपनी या प्रोजेक्ट के शुरुआती दौर में ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है, लेकिन लगातार इसी तरह काम करने से बर्नआउट का खतरा बढ़ सकता है।


ऑट सुबह करीब 5:30 बजे उठते हैं और पढ़ने, एक्सरसाइज व दौड़ने जैसी गतिविधियों के लिए समय निकालते हैं। वह सुबह ईमेल और Slack मैसेज तैयार कर लेते हैं, लेकिन उन्हें कर्मचारियों को तुरंत भेजने के बजाय सुबह 8 या 9 बजे के लिए शेड्यूल करते हैं।


उनका मानना है कि कंपनी या करियर को मैराथन की तरह देखना चाहिए, स्प्रिंट की तरह नहीं। लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन के लिए काम के साथ आराम और निजी समय भी जरूरी है।