भारतीय रियल एस्टेट बाजार 2025 में करीब 600 अरब डॉलर का हो गया है। CREDAI और ANAROCK की रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले वर्षों में भी इस सेक्टर के तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। रिपोर्ट में भारतीय रियल एस्टेट के 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, घरों की बिक्री में प्रीमियम और लग्जरी सेगमेंट का दबदबा लगातार बढ़ रहा है। 2025 में टॉप-7 शहरों में आवासीय बिक्री की कुल वैल्यू 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रही, जबकि बिक्री की संख्या में गिरावट दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि कम संख्या में घर बिकने के बावजूद महंगे घरों की हिस्सेदारी बढ़ी है।
ANAROCK की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में 2.5 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले घरों की हिस्सेदारी नई सप्लाई में 20 फीसदी से ज्यादा रही। वहीं, 1.5 करोड़ रुपये से ऊपर के लग्जरी और अल्ट्रा-लग्जरी घरों ने 2025 की शुरुआत में टॉप-7 शहरों की नई सप्लाई में 42 फीसदी हिस्सेदारी हासिल की थी।
रियल एस्टेट बाजार में यह बदलाव खरीदारों की बढ़ती प्रीमियम घरों की पसंद और डेवलपर्स के महंगे प्रोजेक्ट्स पर फोकस को दर्शाता है। हालांकि, बढ़ती कीमतों के कारण अफोर्डेबल और मिड-इनकम सेगमेंट पर दबाव भी बना हुआ है।


