भारतीय सेना में नौकरी पाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए अग्निपथ योजना एक खास अवसर लेकर आई है. इस योजना के तहत युवाओं को चार साल तक सेना में सेवा करने का मौका मिलता है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि चार साल की सेवा पूरी होने के बाद अग्निवीरों को क्या मिलता है और उनके भविष्य के लिए सरकार ने क्या व्यवस्था की है? अग्निवीरों को सेवा निधि, कौशल प्रमाणपत्र और सरकारी नौकरियों में आरक्षण जैसे कई लाभ दिए जाते हैं.

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अग्निपथ योजना के तहत चार साल पूरे करने वाले अग्निवीरों को लगभग 11.71 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज मिलता है. इसमें अग्निवीर के वेतन से जमा राशि और सरकार का समान योगदान शामिल होता है. इस राशि पर मिलने वाला ब्याज भी इसमें जुड़ता है. सेवा निधि पूरी तरह आयकर से मुक्त होती है. हालांकि, अग्निवीरों को नियमित सैनिकों की तरह पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिलता.

चार साल की सेवा के बाद अग्निवीरों को नियमित सेना में शामिल होने के लिए आवेदन करने का अवसर भी दिया जाता है. निर्धारित प्रक्रिया और प्रदर्शन के आधार पर प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है. चयनित युवाओं को आगे कम से कम 15 साल की सेवा करनी होती है.

सेना से बाहर आने वाले अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाए गए हैं. केंद्र सरकार ने CAPF और असम राइफल्स में कांस्टेबल GD और राइफलमैन पदों की 50 प्रतिशत रिक्तियां पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित की हैं. इसके साथ ही उन्हें निर्धारित आयु सीमा में तीन साल की छूट और पहले बैच को पांच साल की अतिरिक्त छूट दी जाती है. इन पदों की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को शारीरिक मानक परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और लिखित परीक्षा से भी छूट दी गई है.

इसके अलावा, अग्निवीरों को सेना में सेवा के दौरान सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन, नेतृत्व और तकनीकी कौशल का अनुभव मिलता है. सेवा पूरी होने पर उन्हें कौशल प्रमाणपत्र भी दिया जाता है, जिससे नागरिक क्षेत्र में रोजगार पाने में मदद मिल सकती है.