बंगाल के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल ने रणजी ट्रॉफी 2026-27 में दिल्ली के खिलाफ शानदार शतक लगाकर प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की। 12 अक्टूबर को कल्याणी में खेले जा रहे मुकाबले में शतक पूरा करने के बाद वह मैदान पर घुटनों के बल बैठ गए और भावुक होकर रोने लगे। यह पारी उनके लिए इसलिए भी खास रही, क्योंकि हाल ही में वह एक मामले में 36 दिन जेल में बिताने के बाद जमानत पर बाहर आए थे।

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अभिषेक ने दिल्ली के खिलाफ 137 गेंदों में 114 रन बनाए। उनकी पारी में 11 चौके और एक छक्का शामिल रहा। उन्होंने सुदीप कुमार घरामी के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी कर बंगाल की पारी को मजबूती दी। यह अभिषेक का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में दूसरा शतक था।

शतक के बाद अभिषेक ने बताया कि पिछले दो वर्षों में उनके बल्ले से केवल एक प्रथम श्रेणी शतक निकला था। ऐसे में इस उपलब्धि को लेकर उनके मन में काफी दबाव था। उन्होंने कहा कि शतक बनाना उनके लिए राहत देने वाला पल रहा। घरामी ने भी उन्हें धैर्य बनाए रखने और अपने खेल पर ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित किया।

अभिषेक पोरेल को 11 अगस्त 2026 को कर्नाटक की एक मेडिकल छात्रा की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया था। शिकायत में शादी का वादा करके यौन संबंध बनाने और आपराधिक धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए थे। सितंबर में चुंचुड़ा अदालत से उन्हें जमानत मिली। अभिषेक अपने ऊपर लगे आरोपों के मामले में कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं। जमानत मिलने का अर्थ आरोपों का साबित होना या खारिज होना नहीं है।

इस बीच, रणजी ट्रॉफी में उनका शतक क्रिकेट में वापसी का अहम पड़ाव बना। मैदान पर उनकी भावुक प्रतिक्रिया ने इस पारी को चर्चा में ला दिया।