अमेरिकी फेडरल रिजर्व आज यानी 16 सितंबर को ब्याज दरों पर बड़ा फैसला लेने जा रहा है। फेड की दो दिवसीय बैठक के बाद आने वाले इस फैसले पर दुनियाभर के शेयर बाजारों की नजर है। निवेशक सिर्फ ब्याज दरों के फैसले पर ही नहीं, बल्कि फेड के आगे के रुख और आर्थिक अनुमान पर भी ध्यान देंगे।
बाजार में फिलहाल 25 बेसिस पॉइंट की ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद मजबूत बनी हुई है। Reuters के मुताबिक, वित्तीय बाजार इस बढ़ोतरी की संभावना को काफी हद तक पहले ही कीमतों में शामिल कर चुके हैं। अगर दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी होती है, तो फेड की टारगेट रेंज 3.75% से 4% हो सकती है।
फेड का फैसला अमेरिकी शेयर बाजार के साथ-साथ भारतीय बाजार के लिए भी अहम माना जा रहा है। ब्याज दरों में बदलाव से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर और विदेशी निवेश की दिशा प्रभावित हो सकती है। इसका असर उभरते बाजारों और भारतीय रुपये पर भी पड़ सकता है। Reuters ने फेड फैसले से पहले भारतीय रुपया और बॉन्ड बाजार पर दबाव की ओर भी इशारा किया है।
हालांकि, बाजार की असली दिशा फेड चेयर के बयान और आगे की ब्याज दरों को लेकर संकेतों से तय हो सकती है। निवेशक यह समझने की कोशिश करेंगे कि सितंबर के फैसले के बाद फेड आगे भी दरें बढ़ाने वाला है या मौजूदा स्थिति पर रुक सकता है।
इसी वजह से अमेरिकी बाजार की प्रतिक्रिया और उसके बाद भारतीय शेयर बाजार का रुख गुरुवार को खास तौर पर महत्वपूर्ण रहेगा।



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