संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष खलीलुर रहमान ने संयुक्त राष्ट्र और खास तौर पर सुरक्षा परिषद में सार्थक सुधारों की जरूरत पर जोर दिया है। मंगलवार को 81वें सत्र का कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि दुनिया बदल चुकी है और संयुक्त राष्ट्र को भी मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप बदलना होगा।
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान रहमान ने कहा कि सुधार केवल नाममात्र के नहीं होने चाहिए। उनके मुताबिक, बदलाव ऐसे होने चाहिए जो संयुक्त राष्ट्र में लोगों का भरोसा दोबारा कायम करने में मदद करें। उन्होंने कहा कि अगर सुधार प्रभावी नहीं हुए तो उन्हें केवल खानापूर्ति माना जा सकता है।
रहमान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की UN80 पहल के लिए अपना समर्थन भी दोहराया। इस पहल का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र प्रणाली को अधिक सरल, प्रभावी और बेहतर तरीके से काम करने योग्य बनाना है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान दुनिया 1945 की परिस्थितियों से काफी अलग है। उस समय संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के लिए सैन फ्रांसिस्को सम्मेलन हुआ था, लेकिन आज वैश्विक चुनौतियां और जरूरतें बदल चुकी हैं। ऐसे में संगठन को भी समय के साथ आगे बढ़ना होगा।
रहमान ने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सामने मौजूद सभी मुद्दों का समाधान तुरंत या सर्वसम्मति से होना संभव नहीं है। हालांकि, उन्होंने संवाद और सहयोग के जरिए जहां संभव हो, वहां आम सहमति बनाने पर जोर दिया।
खलीलुर रहमान को जून में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र का अध्यक्ष चुना गया था। उन्होंने जर्मनी की पूर्व विदेश मंत्री एनालेना बेरबॉक का स्थान लिया है।



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