भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 12 अक्टूबर को तेज गिरावट देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई, लेकिन कुछ ही देर बाद सेंसेक्स और निफ्टी में बिकवाली बढ़ गई। दिन के उच्च स्तर से सेंसेक्स करीब 1,200 अंक तक फिसला। कारोबार खत्म होने पर बीएसई सेंसेक्स 547 अंक गिरकर 71,924.68 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 157 अंक टूटकर 22,363.35 के स्तर पर आ गया।

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बाजार में इस गिरावट के पीछे तीन प्रमुख वजहें सामने आईं। पहली वजह मुनाफावसूली रही। शुरुआती तेजी के बाद निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर शेयर बेचकर मुनाफा निकालना शुरू कर दिया। इससे बाजार की बढ़त जल्द ही गिरावट में बदल गई।

दूसरी वजह डॉलर इंडेक्स की मजबूती रही। डॉलर इंडेक्स करीब 102 के स्तर पर रहने से उभरते बाजारों पर दबाव बना। मजबूत डॉलर के कारण विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिकी निवेश विकल्प आकर्षक हो सकते हैं, जिससे भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पूंजी का प्रवाह प्रभावित होता है।

तीसरी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली रही। विदेशी निवेशकों की ओर से भारतीय शेयरों में बिक्री जारी रहने से बाजार का माहौल कमजोर हुआ। इसके अलावा पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई।

गिरावट का असर कई बड़े शेयरों पर भी पड़ा। आईटीसी के शेयर करीब 3.23 प्रतिशत और टेक महिंद्रा के शेयर लगभग 3.10 प्रतिशत टूटे। हिंदुस्तान यूनिलीवर, एसबीआई, टीसीएस और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भी कमजोरी दर्ज की गई।

बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी।