समाजवादी पार्टी की 34वीं वर्षगांठ के मौके पर भारतीय जनता पार्टी ने सपा पर निशाना साधा है। बीजेपी ने सपा के शासनकाल से जुड़े 34 कथित विवादों और मामलों को लेकर चार पेज की बुकलेट तैयार की है। पार्टी इस सामग्री को सोशल मीडिया और बूथ स्तर तक पहुंचाने की तैयारी में है।
बीजेपी के अभियान में सपा सरकार के कार्यकाल से जुड़े कई पुराने मुद्दों को शामिल किया गया है। इनमें रामभक्तों पर गोली चलाने, गेस्ट हाउस कांड, सरकारी भर्तियों, अपहरण और जमीन कब्जे जैसे मामलों का जिक्र किया गया है। बीजेपी का कहना है कि इन मुद्दों के जरिए जनता को सपा के शासनकाल का रिकॉर्ड बताया जाएगा।
यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। बीजेपी की ओर से सपा के खिलाफ पुराने शासनकाल के मुद्दों को फिर से उठाने की रणनीति को चुनावी तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
वहीं, सपा अपनी 34वीं वर्षगांठ पर अपने शासनकाल के दौरान किए गए जनहित और विकास कार्यों को जनता के सामने रखने की तैयारी कर रही है। इस तरह दोनों दल अपने-अपने शासनकाल और राजनीतिक रिकॉर्ड को लेकर जनता के बीच अपना पक्ष रखने की कोशिश कर रहे हैं।
समाजवादी पार्टी की स्थापना 4 अक्टूबर 1992 को मुलायम सिंह यादव ने की थी। पार्टी की स्थापना के 34 साल पूरे होने पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सपा और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।



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