भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है। इसके बाद रेपो रेट 5.25 फीसदी से बढ़कर 5.50 फीसदी हो गया है। RBI के इस फैसले का सीधा असर फ्लोटिंग ब्याज दर वाले होम लोन पर पड़ सकता है। बैंक अगर लोन की ब्याज दर बढ़ाते हैं तो ग्राहकों की मासिक EMI बढ़ सकती है या लोन की अवधि लंबी हो सकती है।

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अगर 20 लाख रुपये का होम लोन 20 साल के लिए 7.50 फीसदी ब्याज दर पर लिया गया है, तो इसकी EMI करीब 16,112 रुपये बनती है। ब्याज दर 0.25 फीसदी बढ़कर 7.75 फीसदी होने पर EMI करीब 16,419 रुपये हो सकती है। यानी हर महीने लगभग 307 रुपये ज्यादा चुकाने पड़ेंगे।

इसी तरह 30 लाख रुपये के 20 साल के होम लोन पर 7.50 फीसदी ब्याज के हिसाब से EMI करीब 24,168 रुपये होती है। ब्याज दर बढ़कर 7.75 फीसदी होने पर यह करीब 24,628 रुपये हो जाएगी। यानी मासिक EMI में लगभग 460 रुपये का इजाफा होगा।

वहीं 50 लाख रुपये के होम लोन पर 20 साल के लिए 7.50 फीसदी ब्याज दर में EMI करीब 40,280 रुपये बैठती है। दर बढ़कर 7.75 फीसदी होने पर EMI लगभग 41,047 रुपये हो सकती है। यानी हर महीने करीब 767 रुपये ज्यादा देने होंगे।

हालांकि, वास्तविक EMI का असर बैंक की ब्याज दर, लोन की अवधि और ग्राहक के मौजूदा लोन बैलेंस पर निर्भर करेगा। फिक्स्ड रेट वाले होम लोन पर इस बढ़ोतरी का सीधा असर नहीं पड़ेगा।