प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजयादशमी के अवसर पर दिल्ली में आयोजित दशहरा समारोह में हिस्सा लिया और रावण दहन किया। इस दौरान उन्होंने देशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने देश के सामने मौजूद चुनौतियों का जिक्र किया और उनसे मिलकर मुकाबला करने की जरूरत पर जोर दिया।
दशहरा का पर्व भगवान राम की ओर से रावण पर विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर रामलीला और रावण दहन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रामलीला अत्याचार और आतंक के अंत का प्रतीक है। यह पर्व लोगों को सत्य, साहस और न्याय के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।
दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन स्थित डीडीए उत्सव ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की मौजूदगी रही। विजयादशमी के मौके पर उन्होंने देशवासियों के लिए सुख, समृद्धि और सफलता की कामना भी की। उनके संदेश में विश्वास और संकल्प को मजबूत करने की बात प्रमुख रही।
दशहरा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक मूल्यों की याद दिलाने वाला पर्व भी है। रावण दहन के जरिए बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाता है। ऐसे अवसर पर प्रधानमंत्री का संबोधन देश में एकता और सामूहिक प्रयास के महत्व को सामने लाता है।
हालांकि, देश के तीन दुश्मनों को लेकर विस्तृत दावों की पुष्टि के लिए संबोधन का पूरा पाठ देखना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों में प्रधानमंत्री के दशहरा संदेश और अत्याचार तथा आतंक के अंत पर जोर देने की जानकारी सामने आई है।



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