पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) और सरकार के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल लागू किए जाने और PTI की प्रांतीय सरकार के खिलाफ कार्रवाई के बाद पार्टी के कई नेताओं की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के कथित तौर पर लापता होने का मामला अदालत पहुंच गया है। उनके परिवार और पार्टी की ओर से उनकी स्थिति स्पष्ट करने तथा उन्हें बरामद करने की मांग की जा रही है।

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रिपोर्टों के मुताबिक, आपातकाल लागू होने के बाद सोहेल अफरीदी को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी। इसके बाद से उनके ठिकाने को लेकर चिंता जताई जा रही है। उनके परिवार की ओर से पेशावर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनकी बरामदगी की मांग की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध ले जाया गया। हालांकि, इन आरोपों और उनकी मौजूदा स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

पाकिस्तान सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल लागू करने के पीछे बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और आतंकवादी गतिविधियों को वजह बताया है। सरकार का कहना है कि इलाके में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए यह कदम उठाया गया। दूसरी ओर, PTI ने सरकार के फैसले का विरोध करते हुए इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है।

इमरान खान की पार्टी पहले से ही कई राजनीतिक और कानूनी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में पार्टी के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई ने सरकार और विपक्ष के बीच टकराव को और बढ़ा दिया है। अब अदालत में दायर याचिका से सोहेल अफरीदी की स्थिति और हिरासत से जुड़े सवालों पर स्पष्टता मिलने की उम्मीद है। आगे की जानकारी अदालत की सुनवाई और संबंधित अधिकारियों के बयान के बाद सामने आ सकती है।