महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय (UWA) का मुंबई कैंपस राज्य की शिक्षा व्यवस्था और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय छात्रों को विदेश जाए बिना भारत में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा।

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फडणवीस के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार ने अब तक सात अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ काम शुरू किया है। इनमें पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय भी शामिल है। UWA ने भारतीय छात्रों के लिए ‘मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति’ शुरू की है, जिसके तहत तीन छात्रों को 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति दी जाएगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय छात्रों के विदेश जाकर पढ़ाई करने पर बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। अगर उन्हें भारत में ही अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में पढ़ने का अवसर मिलता है, तो इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि UWA के शोध केंद्र के रूप में विकसित होने से महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को फायदा मिल सकता है।


फडणवीस ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ किए गए समझौतों के तहत अन्य परिसरों का निर्माण भी चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। फिलहाल इन विश्वविद्यालयों के परिसर अस्थायी होंगे।


उन्होंने कहा कि इन सभी विश्वविद्यालयों के मुख्य परिसर नवी मुंबई की ‘एजुकेशन सिटी’ में स्थापित किए जाएंगे। यहां करीब 80 हजार से 1 लाख छात्रों के पढ़ने की क्षमता होगी। सरकार का लक्ष्य महाराष्ट्र को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और शोध के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करना है।