बिहार के जमुई में नाबालिग लड़की के साथ कथित छेड़छाड़ का वीडियो सामने आने के बाद मामला गंभीर विवाद में बदल गया है। घटना को लेकर पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष ने इस मामले को लेकर बिहार सरकार और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

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मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। मुख्य आरोपी नंदन यादव और हरे राम यादव को लेकर भी पुलिस कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। इस बीच सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो प्रसारित किए जाने को लेकर भी पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। नाबालिग की पहचान सार्वजनिक करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी केस दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।


घटना के बाद राजनीतिक बहस आरोपियों के गमछे के रंग तक पहुंच गई। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मामले पर सरकार को घेरते हुए भगवा गमछे का जिक्र किया। इसके बाद बीजेपी की ओर से हरे गमछे का जिक्र करते हुए पलटवार किया गया। इस बयानबाजी के बीच जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने भी रंग के आधार पर अपराध को देखने पर सवाल उठाए।


जमुई की घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो के प्रसार और नाबालिगों की पहचान की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।