जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच कैंपस की दीवारों पर ‘फ्री कश्मीर’ और ‘फ्री शरजील इमाम’ जैसे नारे लिखे दिखाई दिए। इन नारों की तस्वीरें सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये नारे 22 अक्टूबर को दीवारों पर लिखे देखे गए थे, जिन्हें बाद में हटा दिया गया। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये नारे किसने लिखे थे।
जामिया में छात्र लंबे समय से छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में वर्ष 2006 के बाद से छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि प्रशासन मौजूदा शैक्षणिक सत्र में चुनाव कराने की तारीख घोषित करे।
छात्रों के मुताबिक, चुनाव कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए बनाई गई समिति के कारण मामला लंबित है। प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों ने निलंबन और कैंपस में प्रवेश पर पाबंदी लगाए जाने का भी मुद्दा उठाया है। उनकी मांग है कि छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस ली जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
शरजील इमाम जनवरी 2020 में गिरफ्तार किए गए थे और संबंधित मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं। दीवारों पर उनके समर्थन में लिखे नारों को छात्र संघ चुनाव के विरोध प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन इन नारों के पीछे किसका हाथ है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्टों के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इन नारों को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है।



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