टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार की हत्या भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की सबसे चर्चित आपराधिक घटनाओं में शामिल है। 12 अगस्त 1997 को मुंबई में एक मंदिर के बाहर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात ने संगीत जगत और बॉलीवुड को झकझोर दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने उन पर कई गोलियां चलाई थीं और घटना में 16 राउंड फायरिंग का जिक्र किया गया था।

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गुलशन कुमार का असली नाम गुलशन कुमार दुआ था। उन्होंने कैसेट कारोबार से अपने करियर की शुरुआत की और अपनी मेहनत के दम पर टी-सीरीज को संगीत की दुनिया में एक बड़ा नाम बनाया। उनकी कंपनी ने हिंदी फिल्मी गानों के साथ-साथ भक्ति संगीत को भी देशभर में लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई। धीरे-धीरे उन्होंने संगीत कारोबार में अपनी मजबूत पहचान बना ली।

12 अगस्त 1997 को गुलशन कुमार मुंबई के अंधेरी इलाके में स्थित एक मंदिर से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। मामले की जांच के दौरान अंडरवर्ल्ड कनेक्शन की बात भी सामने आई और कई लोगों के नाम चर्चा में आए।

गुलशन कुमार की हत्या ने फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों और कारोबारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उस समय मुंबई में फिल्म जगत और अंडरवर्ल्ड के कथित संबंधों को लेकर भी चर्चा होती थी। इस हत्याकांड ने इन चिंताओं को और बढ़ा दिया।

गुलशन कुमार की मौत के दशकों बाद भी उनकी संगीत से जुड़ी विरासत कायम है। टी-सीरीज आज भी संगीत और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय है। उनकी हत्या भारतीय मनोरंजन जगत के इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना बनी हुई है।