त्योहारी सीजन से पहले केंद्र सरकार ने आम लोगों को महंगाई से राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पाम, सोयाबीन और सूरजमुखी समेत प्रमुख खाद्य तेलों पर आयात शुल्क घटा दिया है। इस कदम से आने वाले दिनों में खाने के तेल की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, कच्चे पाम तेल और कच्चे सोयाबीन तेल पर मूल आयात शुल्क 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, रिफाइंड पाम और सोयाबीन तेल पर शुल्क 32.5 प्रतिशत से घटाकर 27.5 प्रतिशत किया गया है।
सबसे बड़ी राहत सूरजमुखी तेल पर दी गई है। कच्चे सूरजमुखी तेल पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है। रिफाइंड सूरजमुखी तेल पर शुल्क 32.5 प्रतिशत से घटाकर 22.5 प्रतिशत किया गया है।
भारत अपनी खाद्य तेल की जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। इनमें मलेशिया, इंडोनेशिया, अर्जेंटीना, रूस और यूक्रेन प्रमुख आपूर्तिकर्ता देश हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों के कारण घरेलू बाजार में भी खाद्य तेल महंगा हुआ है।
सरकार ने खाद्य तेल कंपनियों और व्यापारिक संगठनों को शुल्क कटौती का पूरा लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। कंपनियों से वितरकों के लिए कीमतें और अधिकतम खुदरा मूल्य घटाने को कहा गया है।
त्योहारों के दौरान मिठाई, नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ती है। ऐसे में आयात शुल्क में कटौती से घरेलू बजट पर दबाव कम होने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक कीमतें बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेंगी।



0 comments
No comments yet. Yours would be the first.