भारत की ऑस्कर प्रविष्टि ‘गोंधल’ को लेकर फिल्ममेकर अनुराग कश्यप की टिप्पणी के बाद अब फिल्म के निर्देशक संतोष दावखर ने प्रतिक्रिया दी है। कश्यप ने भारत की ऑस्कर चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा था कि देश अक्सर गलत फिल्मों का चयन करता है। उन्होंने ‘द लंचबॉक्स’ और ‘ऑल वी इमेजिन एज लाइट’ जैसी फिल्मों का उदाहरण भी दिया था।
कश्यप की टिप्पणी पर जवाब देते हुए दावखर ने कहा कि किसी फिल्म या उसके ऑस्कर चयन पर राय बनाने से पहले उसे देखना जरूरी है। उन्होंने बताया कि इसी साल अप्रैल में बेंगलुरु-मुंबई फ्लाइट के दौरान उनकी मुलाकात अनुराग कश्यप से हुई थी। उस दौरान उन्होंने कश्यप को ‘गोंधल’ के बारे में बताया था। उनके मुताबिक, कश्यप ने फिल्म देखने की बात कही थी।
दावखर ने दर्शकों से भी अपील की कि वे फिल्म देखने के बाद ही उसके चयन को लेकर अपनी राय बनाएं। उन्होंने कहा कि ‘गोंधल’ एक मनोवैज्ञानिक थ्रिलर है, जिसमें मराठी संस्कृति को वैश्विक अपील के साथ पेश किया गया है।
‘गोंधल’ को फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 33 फिल्मों में से 99वें अकादमी पुरस्कारों में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के तौर पर चुना है। ग्रामीण महाराष्ट्र में फिल्माई गई यह मराठी फिल्म पारंपरिक गोंधल अनुष्ठान और लोक-प्रदर्शन की पृष्ठभूमि पर आधारित है।
अब फिल्म की ऑस्कर यात्रा को लेकर सबकी नजर इसके अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन और आगे की दौड़ पर है।



0 comments
No comments yet. Yours would be the first.