सोशल मीडिया पर किसी की लोकप्रियता बढ़ने के साथ उसके अकाउंट को निशाना बनाने के मामले भी सामने आते रहे हैं। अब डिजिटल दुनिया में ऐसे लोगों की चर्चा है, जो पैसे लेकर फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर किसी का अकाउंट बंद कराने का दावा करते हैं। इन्हें डिजिटल 'सुपारी किलर' कहा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस तरह की कथित सेवा के लिए करीब 17 हजार रुपये तक की मांग की जा सकती है।

AdvertisementThe Puranic

इस पूरे मामले में मास रिपोर्टिंग का तरीका चर्चा में है। इसमें किसी सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज कराई जाती हैं। प्लेटफॉर्म की नीतियों का उल्लंघन होने की शिकायत मिलने पर संबंधित कंपनी अकाउंट की जांच कर सकती है। अगर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो अकाउंट पर कार्रवाई भी हो सकती है। हालांकि, केवल ज्यादा रिपोर्ट मिलने से किसी अकाउंट का बंद होना तय नहीं है।

डिजिटल 'सुपारी किलर' के रूप में काम करने का दावा करने वाले लोग इसी प्रक्रिया का कथित तौर पर गलत फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल किसी व्यक्ति, कंटेंट क्रिएटर या कारोबारी के अकाउंट को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। इससे लोगों की ऑनलाइन पहचान, कमाई और प्रतिष्ठा पर असर पड़ने का खतरा रहता है।

ऐसी गतिविधियों से बचने के लिए सोशल मीडिया यूजर्स को अपने अकाउंट की सुरक्षा मजबूत रखनी चाहिए। किसी धमकी, संदिग्ध ऑफर या अकाउंट बंद कराने की मांग से जुड़े संदेश मिलने पर स्क्रीनशॉट और अन्य सबूत सुरक्षित रखने चाहिए। जरूरत पड़ने पर संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत की जा सकती है।

सोशल मीडिया अकाउंट बंद कराने के बदले पैसे लेने के दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। यूजर्स को यह भी समझना चाहिए कि किसी अकाउंट पर कार्रवाई का फैसला प्लेटफॉर्म अपनी नीतियों और जांच के आधार पर करता है।