ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के बीच छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। रियो डी जनेरियो में हजारों छात्रों ने 7 अक्टूबर को प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने लोकतंत्र, शिक्षा और सामाजिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। इस दौरान ‘नो टू द फादर, नो टू द सन’ और ‘नेवर अगेन बोल्सोनारो’ जैसे नारे भी सुनाई दिए।
यह प्रदर्शन ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर के बाद हुआ है। फ्लावियो बोल्सोनारो पहले दौर में सबसे ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवार रहे, लेकिन उन्हें बहुमत नहीं मिला। अब उनका मुकाबला मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से 25 अक्टूबर को होने वाले दूसरे दौर में होगा।
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने ब्राजील की लोकतांत्रिक व्यवस्था और देश की संप्रभुता को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं। कई प्रदर्शनकारियों ने बोल्सोनारो परिवार की राजनीतिक विरासत का भी विरोध किया। छात्रों का कहना है कि वे शिक्षा और सामाजिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को चुनावी बहस का हिस्सा बनाना चाहते हैं।
रियो के अलावा ब्राजील के कुछ अन्य शहरों में भी छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किए हैं। छात्र संगठनों ने दूसरे दौर के मतदान तक अलग-अलग राज्यों में और कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। ऐसे में चुनाव से पहले युवाओं की सक्रियता ब्राजील की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम बन गई है।



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