संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) अपने गठन के 100 साल पूरे होने के अवसर पर 1 अक्टूबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में शताब्दी समारोह आयोजित करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 11 बजे कार्यक्रम में शामिल होंगे और सभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वह UPSC शताब्दी स्मारक सिक्का, स्मारक डाक टिकट और एक पुस्तक का विमोचन करेंगे।

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यह कार्यक्रम पिछले साल 1 अक्टूबर से शुरू हुए UPSC के सालभर के शताब्दी समारोह का समापन होगा। 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में लोक सेवा आयोगों, सरकारी अधिकारियों, शिक्षाविदों और UPSC से जुड़े लोगों की भागीदारी होगी। पहले दिन भारत मंडपम में ‘शताब्दी समारोह- मंथन’ के तहत विभिन्न विषयों पर वक्ताओं के संबोधन और पैनल चर्चा आयोजित की जा रही है।


UPSC की संस्थागत यात्रा 1 अक्टूबर 1926 को पहली Public Service Commission की स्थापना से शुरू हुई थी। इसके बाद 1935 के भारत सरकार अधिनियम के तहत Federal Public Service Commission का गठन हुआ। आजादी के बाद यही संस्था UPSC बनी और संविधान लागू होने के साथ इसे संवैधानिक दर्जा मिला। UPSC संविधान के अनुच्छेद 315 के तहत स्थापित है।


समारोह में ‘100 Landmark Judgements- Shaping the Policies of UPSC and Public Service Commissions in India’ नामक पुस्तक भी जारी की जाएगी। यह पुस्तक UPSC और लोक सेवा आयोगों से जुड़े नीतिगत विकास को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण न्यायिक फैसलों पर केंद्रित है।