फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में हुई चाकूबाजी के दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने घायल होने के बावजूद अहम भूमिका निभाई। इजरायल में भारत के राजदूत रियुवेन अजार ने आजतक से बातचीत में बताया कि घटना के दौरान कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला हुआ, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू ने कॉकपिट में पहुंचकर कथित हमलावर को काबू करने में मदद की।
रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के बाद विमान तेजी से ऊंचाई खोने लगा था। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, विमान कुछ ही समय में हजारों फीट नीचे आ गया। कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद एक यात्री और क्रू सदस्य ने हमलावर को नियंत्रित करने में मदद की। इसके बाद विमान में मौजूद रिजर्व पायलटों ने कॉकपिट का नियंत्रण संभाला और विमान को स्थिर किया।
विमान को बाद में सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। फ्लाइट में सवार सभी 174 यात्रियों को सुरक्षित बताया गया। कैप्टन स्मित को हमले में गंभीर चोटें आईं और उनका इलाज चल रहा है। भारतीय अधिकारियों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है।
राजदूत अजार ने कहा कि घटना की पूरी तस्वीर जांच और ब्लैक बॉक्स के विश्लेषण के बाद स्पष्ट होगी। उन्होंने कैप्टन स्मित की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि इजरायल उन्हें सम्मानित करेगा।


