जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने चुनाव आयोग की जवाबदेही की मांग को लेकर गांधी जयंती पर मुंबई से आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है।
रविवार, 27 सितंबर को वांगचुक ने कहा कि देश में जवाबदेही और चुनावी प्रक्रिया को बेहतर बनाने वाले प्रयासों का वह समर्थन करते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह विरोध प्रदर्शन में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो पाएंगे।
वांगचुक ने चुनावी प्रक्रिया को लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए इसमें पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने के वादे का जिक्र करते हुए सरकारों से अपने वादे पूरे करने की बात भी कही।
यह विवाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ा है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले दस महीनों में विभिन्न फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।
हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR से संबंधित सभी प्रमुख फैसले तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग ने प्रभावित मतदाताओं की सहायता के लिए घर-घर दस्तावेज एकत्र करने जैसे उपाय भी घोषित किए हैं।
इस बीच CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए मुंबई से देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। वांगचुक ने गांधी जयंती को शांतिपूर्ण विरोध के लिए महत्वपूर्ण दिन बताया है।


