उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण केदारनाथ धाम का पैदल मार्ग मुश्किलों से घिर गया है। चीरबासा हेलीपैड के पास भूस्खलन और लगातार गिरते मलबे के चलते रास्ता बेहद संवेदनशील हो गया। इस बीच SDRF की टीम ने विशेष रेस्क्यू अभियान चलाकर करीब 9 हजार तीर्थयात्रियों को सुरक्षित संवेदनशील हिस्से से बाहर निकाला।

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अधिकारियों के मुताबिक, चीरबासा स्लाइडिंग जोन में पहाड़ी से लगातार पत्थर और मलबा गिर रहा था। ऐसे हालात में यात्रियों की आवाजाही जोखिम भरी हो गई थी। सोनप्रयाग की SDRF टीम ने यात्रियों को सावधानीपूर्वक प्रभावित हिस्से से पार कराया और उन्हें सुरक्षित रास्ते से आगे भेजा।


इससे पहले भूस्खलन के बाद करीब 1,500 यात्री प्रभावित इलाके में फंस गए थे। SDRF, NDRF और DDRF की संयुक्त टीमों ने अभियान चलाकर उन्हें गौरीकुंड तक सुरक्षित पहुंचाया था।


इसी इलाके में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा भी हुआ था। चीरबासा के पास पहाड़ी से गिरे पत्थर और मलबे की चपेट में आने से उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी। उसका पिता भी गंभीर रूप से घायल हुआ था। बच्चा अपने पिता के साथ केदारनाथ धाम से लौट रहा था।


लगातार खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन और आपदा राहत टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं। श्रद्धालुओं से मौसम और प्रशासन के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखकर यात्रा करने की अपील की गई है।