अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान की सात दिवसीय शांति योजना खारिज किए जाने के बाद तेहरान ने किसी भी नए अमेरिकी हमले का जवाब देने की चेतावनी दी है।
ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमिनिया ने रविवार को कहा कि उनकी सेना पहले से अधिक तैयार है। उन्होंने दावा किया कि 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान ने अपनी सैन्य तैयारियों में सुधार किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि दोबारा हमला होने पर क्षेत्र में अस्थिरता और हिंसा बढ़ सकती है।
ईरान ने कतर के मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को शांति प्रस्ताव भेजा था। इसके तहत निर्धारित शर्तें पूरी होने पर सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और क्षेत्रीय संघर्ष रोकने की योजना थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच व्यापक बातचीत शुरू हो सकती थी।
हालांकि, ट्रंप ने शनिवार को प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान दबाव के कारण समझौता करना चाहता है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया कि होर्मुज खोलने की शर्तें नहीं बदलेंगी। उन्होंने बताया कि तेहरान को मध्यस्थों के जरिए वाशिंगटन की औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने बातचीत का समर्थन किया है, लेकिन धमकियों के आगे झुकने से इनकार किया है। दोनों देशों के बीच जारी गतिरोध के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा व्यापार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।


