भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग की उप सहायक सचिव बेथनी मॉरिसन ने कहा है कि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा LPG निर्यातक बन गया है। उन्होंने भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अमेरिका की बढ़ती भूमिका पर खुशी जताई।
न्यूयॉर्क में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मॉरिसन ने बताया कि पिछले एक साल में दोनों देशों के संबंधों का दायरा काफी बढ़ा है। ऊर्जा आपूर्ति के अलावा रक्षा, व्यापार और कूटनीतिक क्षेत्रों में भी सहयोग मजबूत हुआ है।
उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच हुए दस वर्षीय रक्षा समझौते का जिक्र किया। साथ ही भारत के SHANTI अधिनियम को नागरिक परमाणु सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मॉरिसन के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन दक्षिण एशिया को विशेष प्राथमिकता दे रहा है। अमेरिका भारत के साथ ऊर्जा व्यापार बढ़ाने के अलावा क्वाड जैसे बहुपक्षीय मंचों पर भी सहयोग कर रहा है।
हालांकि, LPG आपूर्ति के हालिया आंकड़े अलग तस्वीर दिखाते हैं। सितंबर में संयुक्त अरब अमीरात ने अमेरिका को पीछे छोड़कर भारत के सबसे बड़े LPG आपूर्तिकर्ता का स्थान हासिल किया। जुलाई में अमेरिकी हिस्सेदारी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी, लेकिन सितंबर में इसमें गिरावट दर्ज की गई।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात के अलग-अलग स्रोत विकसित कर रहा है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऐसे में अमेरिका सहित दूसरे देशों से ऊर्जा आयात बढ़ाना भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है।


