दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में एडमिशन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कॉलेज के प्रशासनिक कामकाज तक पहुंच गया है। हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति को 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर कॉलेज का अस्थायी रूप से टेकओवर करने और कथित अनियमितताओं की समयबद्ध स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

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विवाद की शुरुआत 2026-27 सत्र में स्पोर्ट्स और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज (ECA) कोटे के एडमिशन से हुई। स्टाफ एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि B.Com (ऑनर्स) और BA (ऑनर्स) पॉलिटिकल साइंस जैसे पाठ्यक्रमों में निर्धारित सीमा से अधिक सीटों का आवंटन हुआ। एसोसिएशन ने इसे प्रक्रिया से जुड़ी गंभीर अनियमितता बताया और जांच की मांग की।


हालांकि, दिल्ली विश्वविद्यालय ने अतिरिक्त सीट आवंटन को एडमिशन एल्गोरिदम में हुई गलती बताया है। DU के अनुसार, ECA और स्पोर्ट्स कोटे के उम्मीदवारों का चयन उनके मेरिट स्कोर के आधार पर हुआ था और मेरिट से समझौता नहीं किया गया। विश्वविद्यालय ने कहा कि 20 फीसदी की सीमा को लागू करने में प्रोग्रामिंग संबंधी गलती हुई, जिसके कारण कुछ पाठ्यक्रमों में सीटों का ओवर-एलोकेशन हुआ।


स्टाफ एसोसिएशन के ज्ञापन में कॉलेज की वित्तीय व्यवस्था, नियुक्तियों, खरीद प्रक्रिया, फैकल्टी अधिकार, स्टाफ काउंसिल और निजी संस्थाओं की भूमिका जैसे मुद्दे भी उठाए गए हैं। एसोसिएशन ने निष्पक्ष जांच के लिए गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन और प्रिंसिपल को हटाने की मांग भी रखी है।


इस विवाद के बीच कुछ प्रोफेसर्स को शो-कॉज नोटिस भी जारी किए गए हैं। अब स्टाफ एसोसिएशन की मांगों और जांच को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के अगले कदम पर नजर है।