यह मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। महिला ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उसकी आपत्तिजनक मॉर्फ्ड तस्वीरें फैलाई गईं, जिनमें प्रधानमंत्री को भी शामिल किया गया था। महिला ने जान से मारने की धमकी मिलने की शिकायत भी की है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि यह मामला केवल एक महिला का नहीं, बल्कि देश के प्रधानमंत्री से भी जुड़ा है। कोर्ट ने पुलिस को मामले की संवेदनशीलता समझने और पीड़िता को पूरी सुरक्षा देने का निर्देश दिया।
अदालत ने CJP नेता सौरव दास, अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह को नोटिस जारी किया है। महिला के वकील ने बताया कि मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है, लेकिन आपत्तिजनक सामग्री हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई में पर्याप्त प्रगति नहीं हुई है।
हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि महिला प्रदर्शन के आयोजकों से मुआवजे की मांग कर सकती है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को निर्धारित की है।


