हैदराबाद की NALSAR लॉ यूनिवर्सिटी में पूर्व छात्र नेता उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग चर्चा का विषय बन गई है। 23 सितंबर 2026 को छात्रों के एक समूह ने फिल्म निर्माता ललित वचानी की डॉक्यूमेंट्री 'प्रिजनर नंबर 626710 इज प्रेजेंट' दिखाई। कार्यक्रम के बाद छात्रों ने विचाराधीन कैदियों के अधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया में देरी पर चर्चा की।
यह कार्यक्रम छात्रों ने स्वतंत्र रूप से आयोजित किया था, जिसमें केवल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य विचाराधीन कैदियों की स्थिति, मौलिक अधिकारों और जांच एजेंसियों की जवाबदेही जैसे कानूनी मुद्दों पर बातचीत करना था।
स्क्रीनिंग के बाद आयोजित चर्चा में छात्रों ने सवाल उठाया कि किसी मामले की सुनवाई शुरू होने में वर्षों लगने से संबंधित व्यक्ति के अधिकारों पर क्या प्रभाव पड़ता है। इस दौरान न्यायिक प्रक्रिया और लंबी हिरासत जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए।
उमर खालिद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता हैं। उन्हें सितंबर 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की कथित साजिश से जुड़े मामले में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया था। वह लगभग छह वर्षों से जेल में हैं।
ललित वचानी की डॉक्यूमेंट्री खालिद की गिरफ्तारी, जेल में बिताए समय और उनके खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया पर केंद्रित है। NALSAR में आयोजित इस कार्यक्रम ने कानून के छात्रों के बीच विचाराधीन कैदियों के अधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया में होने वाली देरी पर चर्चा को आगे बढ़ाया है।


