UPI पेमेंट को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। 15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू होगा। अब MDR पर 18 फीसदी GST को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि इसका असर छोटे कारोबारियों और डिजिटल पेमेंट करने वालों पर कितना पड़ेगा। इस पर National Payments Corporation of India (NPCI) ने स्थिति स्पष्ट की है।
NPCI के मुताबिक, 2,000 रुपये तक के मर्चेंट UPI भुगतान पर MDR नहीं लगेगा। वहीं हर महीने UPI के जरिए 1 लाख रुपये तक की रकम पाने वाले छोटे व्यापारियों और P2PM श्रेणी के कारोबारियों को भी जीरो MDR का लाभ मिलेगा। NPCI ने कहा है कि करीब 96 फीसदी मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन MDR के दायरे से बाहर रहेंगे।
2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) भुगतान पर 0.4 फीसदी MDR लागू होगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के सामान्य लेनदेन पर MDR अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहेगा। रेलवे, ईंधन, टेलीकॉम और बीमा जैसे कुछ क्षेत्रों में 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर 5 रुपये का फ्लैट MDR तय किया गया है।
MDR पर 18 फीसदी GST भी लागू होगा, लेकिन यह UPI ट्रांजैक्शन की पूरी रकम पर नहीं, बल्कि MDR शुल्क पर लगेगा। GST-रजिस्टर्ड कारोबारी नियमों के तहत इस GST का Input Tax Credit ले सकते हैं। वहीं ग्राहकों से अलग से MDR वसूलने की अनुमति नहीं है।