भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 28 सितंबर 2026 को भारी गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सेंसेक्स 1,124 अंक गिरकर 72,800 के नीचे बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 360 से ज्यादा अंक टूटकर 22,800 के करीब पहुंच गया। इस गिरावट से बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 8 लाख करोड़ रुपये घट गया।

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कारोबार शुरू होते ही बाजार में बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। सेंसेक्स अपने पिछले बंद 73,895 के मुकाबले 73,734 पर खुला। इसके बाद गिरावट बढ़ती गई और दिन के दौरान सूचकांक 1,000 अंक से ज्यादा लुढ़क गया। निफ्टी भी 23,000 का महत्वपूर्ण स्तर बनाए रखने में नाकाम रहा।

बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 107 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई।

एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एसबीआई, एलएंडटी और पावर ग्रिड जैसे दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 29 के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। केवल इंफोसिस मामूली बढ़त दर्ज करने में सफल रही।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का असर दिखाई दिया। विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव बनाया। वैश्विक तनाव और महंगे कच्चे तेल के कारण निवेशकों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है।