भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 28 सितंबर 2026 को कारोबार शुरू होते ही भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी के लुढ़कने से शुरुआती मिनटों में निवेशकों की संपत्ति के बाजार मूल्य में करीब 7.6 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। इस गिरावट की प्रमुख वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें रहीं।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,040 अंक से ज्यादा टूटकर 72,854 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 330 अंक से अधिक गिरकर 22,807 तक लुढ़क गया। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले शुक्रवार के 483.25 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 475.64 लाख करोड़ रुपये रह गया।
बाजार में गिरावट की मुख्य वजह ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब तीन प्रतिशत की तेजी रही। कच्चा तेल 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा शांति प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनने से तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से आयात बिल और महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। इसका असर शेयर बाजार में निवेशकों की धारणा पर भी दिखाई दिया।
इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव बनाया। एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस और आईसीआईसीआई बैंक जैसे बड़े शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशक सतर्क नजर आए।


