पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले महिलाओं से ऑनलाइन संपर्क करते और खुद को विदेश में रहने वाला अमीर व्यक्ति बताते थे। बातचीत के दौरान शादी का भरोसा दिलाकर उनका विश्वास जीतते थे। इसके बाद विदेश से महंगे उपहार भेजने का झांसा दिया जाता था।
ठगी के अगले चरण में गिरोह के दूसरे सदस्य खुद को कस्टम अधिकारी बताकर महिलाओं को फोन करते थे। वे विदेश से आए उपहार को छुड़ाने के लिए कस्टम ड्यूटी और अन्य शुल्क के नाम पर पैसे मांगते थे। इस तरह महिलाओं से रकम ऐंठी जाती थी।
मामला संदिग्ध बैंक लेनदेन की शिकायत के बाद सामने आया। हरचंदपुर, चंदापुर और साइबर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अरविंद कुमार, प्रसून जयंत, शिवा मिश्रा और मिथिलेश को गिरफ्तार किया।
आरोपियों के कब्जे से 1.75 लाख रुपये नकद, चार स्मार्टफोन, तीन पासबुक और दो एटीएम कार्ड बरामद किए गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह मामला ऑनलाइन वैवाहिक वेबसाइटों पर फर्जी पहचान के जरिए होने वाली साइबर ठगी का उदाहरण है।