वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत को लेकर संत समाज में नाराजगी बढ़ गई है। धर्म रक्षा संघ के बैनर तले साधु-संतों ने बैठक कर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
दीपक लोधी की गुरुकृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर गंभीर चोटें और अत्यधिक रक्तस्राव की बात सामने आई है। पुलिस को उनके कमरे से एक ग्राइंडर भी मिला है। घटना की वास्तविक परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हुई हैं।
ललित कुंज आश्रम में आयोजित बैठक के दौरान महंत गंगादास महाराज ने आरोप लगाया कि साधु के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार हुआ है। उन्होंने घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
महंत मोहिनी शरण महाराज ने भी प्रशासन की जांच पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह आत्महत्या है या हत्या, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। संतों ने चेतावनी दी कि उच्च स्तरीय जांच नहीं होने पर वे आंदोलन कर सकते हैं।
बैठक में साधुओं का भेष धारण कर वृंदावन में घूमने वाले संदिग्ध लोगों की पहचान करने की मांग भी उठाई गई। संतों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। किसी साजिश या हत्या के आरोप की अभी पुष्टि नहीं हुई है।


