ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिका के साथ जारी तनाव पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस रुख का जवाब दिया, जिसमें ईरान को आतंकवाद से जोड़कर निशाना बनाया गया था। पेज़ेश्कियन ने कहा कि ईरानी लोग खुद आतंकवाद के शिकार रहे हैं।


अपने भाषण के दौरान पेज़ेश्कियन ने मीनाब के शाजारेह तैय्यबेह स्कूल हमले में मारे गए बच्चों और अन्य पीड़ितों की तस्वीरें भी दिखाईं। उन्होंने इन तस्वीरों और कब्रों की तस्वीरों के जरिए संघर्ष में नागरिकों की मौत का मुद्दा उठाया। संयुक्त राष्ट्र की एक तथ्य-खोज रिपोर्ट ने कहा है कि फरवरी में स्कूल पर अमेरिकी हमले में 150 से अधिक लोगों की मौत हुई, जिनमें करीब 120 बच्चे शामिल थे। अमेरिका ने इस मामले पर अलग रुख रखा है।


पेज़ेश्कियन ने अमेरिका और इजरायल पर ईरानी नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईरान ने हमलों के जवाब में अपनी रक्षा की, लेकिन जानबूझकर नागरिक आबादी को निशाना नहीं बनाया। उन्होंने गाजा में नागरिकों की मौत का भी उल्लेख किया।


राष्ट्रपति के भाषण के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल महासभा हॉल से बाहर चला गया। यह घटनाक्रम ट्रंप के एक दिन पहले दिए भाषण के बाद हुआ, जिसमें उन्होंने ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था। हालांकि, इसी दौरान दोनों देशों के अधिकारियों के बीच न्यूयॉर्क में करीब तीन घंटे की बैठक भी हुई। ट्रंप ने बातचीत को सकारात्मक बताया, लेकिन तत्काल किसी समझौते की घोषणा नहीं हुई। तनाव घटाने के प्रयास जारी रहे।