पेट्रोल पंप डीलरों ने 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर लगने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर सरकार से राहत की मांग की है। ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने वित्त मंत्री को पत्र लिखकर पेट्रोल पंपों पर सभी UPI भुगतानों को MDR और संबंधित ट्रांजैक्शन शुल्क से पूरी तरह मुक्त करने का अनुरोध किया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि पेट्रोल पंप डीलरों का मार्जिन लेनदेन की रकम के प्रतिशत के आधार पर नहीं, बल्कि मुख्य रूप से प्रति लीटर के हिसाब से तय होता है। ऐसे में भुगतान की राशि बढ़ने पर डीलरों की कमाई उसी अनुपात में नहीं बढ़ती।
एसोसिएशन के मुताबिक, अक्टूबर 2017 के बाद से डीलर कमीशन में बदलाव नहीं हुआ है, जबकि बिजली, कर्मचारियों के वेतन और अन्य नियामकीय खर्च लगातार बढ़े हैं।
नए MDR ढांचे के तहत 15 अक्टूबर 2026 से कुछ श्रेणियों के व्यापारियों के लिए 2,000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर 5 रुपये का फ्लैट शुल्क लागू होगा। इसमें ईंधन खुदरा विक्रेता भी शामिल हैं। डीलरों का कहना है कि रोजाना बड़ी संख्या में लेनदेन होने के कारण यह शुल्क उनके मार्जिन पर असर डाल सकता है।
एसोसिएशन ने आशंका जताई है कि अतिरिक्त शुल्क के कारण कुछ डीलर 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान को हतोत्साहित कर सकते हैं। इससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के उद्देश्य पर भी असर पड़ सकता है।
एसोसिएशन ने सरकार से सभी UPI भुगतानों पर MDR और संबंधित शुल्क से पूर्ण छूट देने की मांग की है।