दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल में मरीजों के बढ़ते दबाव और गंभीर दुर्घटना मामलों के इलाज की सुविधा बढ़ाने के लिए 250 बेड वाला सुपर-स्पेशियलिटी कम ट्रॉमा ब्लॉक बनाया जाएगा। दिल्ली कैबिनेट ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। करीब 244.87 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


यह नया ब्लॉक पूर्वी दिल्ली के दिलशाद गार्डन स्थित GTB अस्पताल के मौजूदा परिसर में ही बनाया जाएगा। इसके लिए अलग से जमीन खरीदने की जरूरत नहीं होगी। परियोजना प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के फेज-IV के तहत शुरू की जा रही है। इस योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत किया जाता है।


करीब 22,550 वर्ग मीटर में बनने वाली सात मंजिला इमारत में बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और छह ऊपरी मंजिलें होंगी। इसमें 250 बेड, 48 विशेषज्ञ OPD कमरे और नौ आधुनिक ऑपरेशन थिएटर होंगे। ग्राउंड फ्लोर पर 24 घंटे इमरजेंसी विभाग के साथ CT स्कैन, MRI और X-ray जैसी जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बेसमेंट में ब्लड बैंक और लैब बनाई जाएगी।


नए ब्लॉक में 72 बेड का ICU भी होगा। कुल 250 बेड में 20 इमरजेंसी केयर, 5 बर्न ICU, 70 ICU, 4 आइसोलेशन, 22 सर्जरी से पहले और बाद की देखभाल, 102 सामान्य वार्ड और 25 निजी कमरों के लिए निर्धारित किए जाएंगे। इसके अलावा न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, डर्मेटोलॉजी और डेंटल जैसी विशेषज्ञ सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।


परियोजना का उद्देश्य गंभीर दुर्घटना और आपातकालीन मामलों में मरीजों को एक ही जगह इमरजेंसी, जांच, सर्जरी और ICU जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। निर्माण की प्रगति पर नजर रखने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति बनाई जाएगी, जो हर तीन महीने में परियोजना की समीक्षा करेगी। अस्पताल के नए ब्लॉक के 2028 तक चालू होने का लक्ष्य रखा गया है।