राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET UG पेपर लीक मामले में लातूर के कोचिंग सेंटर संचालक शिवराज मोटेगांवकर के बेटे आदित्य मोटेगांवकर पर कार्रवाई की है। NTA ने उन्हें दो साल के लिए NEET UG परीक्षा में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया है। इसके साथ ही उनका NEET UG 2026 का परिणाम भी रोक दिया गया है। इस फैसले के चलते वह 2027 की परीक्षा में भी शामिल नहीं हो सकेंगे।
NTA की 19 सितंबर को जारी सूचना के अनुसार, आदित्य से परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था। उन्होंने अपने जवाब में परीक्षा के दौरान किसी भी अनुचित साधन के इस्तेमाल से इनकार किया था। उन्होंने यह सवाल भी उठाया था कि 3 मई की परीक्षा से जुड़े नोटिस के आधार पर 21 जून को हुई पुनः परीक्षा का परिणाम क्यों रोका गया।
मामले में आदित्य के पिता शिवराज मोटेगांवकर को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गिरफ्तार किया है और वह न्यायिक हिरासत में हैं। CBI के अनुसार, शिवराज ने कथित तौर पर प्रश्नपत्र तैयार करने वाले NTA पैनल के सदस्य पी.वी. कुलकर्णी से रसायन विज्ञान के प्रश्न प्राप्त करने के लिए 5 लाख रुपये दिए थे। जांच एजेंसी का दावा है कि आदित्य ने कुलकर्णी की कोचिंग कक्षाओं में पढ़ाई की थी।
पेपर लीक के आरोपों के बाद 3 मई की NEET UG परीक्षा को रद्द कर 21 जून को पुनः परीक्षा आयोजित की गई थी। NTA की ताजा कार्रवाई के बाद आदित्य का परिणाम लंबित रहेगा और 2027 की परीक्षा में उनकी भागीदारी पर भी रोक रहेगी।