NEET UG 2027 की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है। पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों को रोकने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली टास्क फोर्स ने पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन से भी सलाह ली है।
प्रस्तावित सुधारों में नीट परीक्षा को पेन-पेपर मोड से कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) में बदलना शामिल है। इसके लिए देशभर में सुरक्षित परीक्षा केंद्र और मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
परीक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स के इस्तेमाल पर भी विचार हो रहा है। इनकी मदद से संदिग्ध गतिविधियों, असामान्य परीक्षा पैटर्न और संभावित धोखाधड़ी की पहचान की जा सकेगी। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी, फेस ऑथेंटिकेशन और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था जैसे उपाय भी प्रस्तावित हैं।
इसके अलावा, नीट को साल में एक से अधिक बार आयोजित करने और 12वीं के अंकों को वेटेज देने जैसे सुझाव भी सामने आए हैं। हालांकि, इन प्रस्तावों को अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।
सुप्रीम कोर्ट ने भी एनटीए में स्थायी कर्मचारियों, विशेषज्ञों और सुरक्षित तकनीकी व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया है। नीलेकणी पैनल की पहली अंतरिम रिपोर्ट सितंबर के अंत तक आने की संभावना है।
फिलहाल NEET 2027 के परीक्षा पैटर्न में किसी बदलाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। छात्रों को अंतिम निर्णय और नए नियमों के लिए एनटीए की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना चाहिए।


