दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चरणबद्ध समाधान का प्रस्ताव रखा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे ली ने कहा कि उत्तर कोरिया का परमाणु निरस्त्रीकरण एक साथ पूरा करना मौजूदा हालात में व्यावहारिक नहीं है। उनका कहना है कि पहले परमाणु हथियारों और इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) के विकास को रोकना चाहिए और इसके बदले प्रतिबंधों में राहत दी जा सकती है।


ली ने न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि मौजूदा प्रतिबंध उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को रोकने में प्रभावी नहीं रहे हैं। उनके प्रस्ताव के तहत प्योंगयांग अगर परमाणु हथियारों और ICBM का आगे विकास रोकता है, तो उसके बदले कुछ प्रतिबंधों में राहत दी जा सकती है। इसके बाद विश्वास बढ़ाने के लिए आपसी रियायतों के जरिए परमाणु हथियारों में कमी और अंततः निरस्त्रीकरण की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही गई है।


ली ने उत्तर कोरिया की बढ़ती परमाणु क्षमता को लेकर भी चिंता जताई। दक्षिण कोरियाई आकलन के हवाले से उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया हर साल 10 से 20 अतिरिक्त परमाणु हथियार बनाने की क्षमता रखता है या संभव है कि वह ऐसा कर रहा हो। उन्होंने आशंका जताई कि पर्याप्त हथियार जमा होने के बाद उत्तर कोरिया उन्हें बेचकर आर्थिक लाभ हासिल करने की कोशिश कर सकता है।


ली ने अपने प्रस्ताव को ‘रोकना, कम करना और खत्म करना’ यानी चरणबद्ध प्रक्रिया बताया है। वह संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी उत्तर कोरिया के परमाणु मुद्दे पर इसी दृष्टिकोण को सामने रखने वाले हैं।