IIT बॉम्बे के समाजशास्त्र के प्रोफेसर सूर्यकांत वाघमोरे इन दिनों खुद पर लगे ‘नक्सल’ आरोप को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर AI चैटबॉट Grok से पूछा कि क्या वह नक्सल हैं। यह सवाल साहिल वाकोडे की मौत के बाद उनके और संस्थान के कुछ अन्य शिक्षकों को लेकर उठे आरोपों के बीच सामने आया।


रिपोर्ट के अनुसार, वाघमोरे ने Grok के सामने अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और सार्वजनिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी रखी और पूछा कि क्या उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उन्हें नक्सल कहा जा सकता है। Grok ने जवाब में कहा कि उपलब्ध जानकारी में वाघमोरे को नक्सल संगठन या गतिविधियों से जोड़ने वाला ठोस प्रमाण नहीं दिखता। हालांकि, AI चैटबॉट का जवाब किसी आधिकारिक जांच या कानूनी निष्कर्ष का विकल्प नहीं है।


विवाद में IIT बॉम्बे के प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला का नाम भी सामने आया है। कुछ आरोपों के बाद फैकल्टी फोरम ने दुल्ला के समर्थन में बयान जारी किया। वहीं, साहिल वाकोडे की मौत को लेकर उनके परिवार की ओर से संस्थान में कथित भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। मामले में एससी/एसटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की बात भी सामने आई है।


IIT बॉम्बे ने मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की है। इस विवाद के बीच वाघमोरे ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाया है।